विचार बिन्दु – 1. भूमिका, 2. संचार क्रांति का स्वरूप, 3. संचार क्रांति से हानि, 4. संचार क्रांति से लाभ, 5. निष्कर्ष
भूमिका -सामान्यतः संचार का अर्थ है अपनी भावनाओं, आवेगों को दूसरों 3. तक सम्प्रेषित करना। आधुनिक युग में सूचना प्रोद्योगिकी से हुए अभूतपूर्व प्रगति ने संसार को अत्यंत सहज और तीव्र बना दिया है। इस क्षेत्र में निरंतर जो प्रगति हो रही है, वह संचार क्रांति का रूप ले लिया है। यह संचार क्रांति का ही परिणाम है कि विश्व के किसी भी कोने में घटित घटना क्षण भर में संपूर्ण दुनिया में फैल जाती है।
संचार क्रांति का स्वरूप-प्राचीन काल में एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेजने के लिए दूत भेजे जाते थे, जिसमें महीनों लग जाते थे परंतु आज स्थिति पूर्णतः बदल चुकी है। सूचना क्रांति ने सूचना प्रवाह का स्वरूप बदल दिया है। मोबाइल द्वारा घर बैठे-बैठे सैकड़ों मील दूर की सूचनाओं का आदान-प्रदान श्रव्य एवं दृश्य रूप में किया जा सकता है। संचार क्रांति के कारण ही हम घर बैठे किसी कोने का समाचार या खेल का सीधा प्रसारण देख पाते हैं।
हानि– इसके अनुचित उपयोग से कुछ नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। कभी-कभी इसके कारण समय की बर्बादी, भ्रामक सूचनाओं का प्रसार और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। संचार क्रांति के कारण नये-नये अपराध भी सामने आ रहे हैं।
लाभ– संचार क्रांति के तहत कम समय में कम कीमत पर सूचना का आदान-प्रदान संभव हुआ है। संचार क्रांति एक ओर तकनीक विकास को बढ़ावा दिया है, तो दूसरी ओर रोजगार के अवसर भी पैदा किया है। संचार क्रांति आर्थिक गतिविधियों को वर्त्तमान समय में आधार प्रदान कर रहा है। वैश्वीकरण के दौर में जहाँ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था वैश्वीकरण में विलीन हो रही है। वही संचार क्रांति इस प्रक्रिया को और तेज बना रही है। यह शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति एवं मनोरंजन के क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है।
निष्कर्ष-संचार क्रांति इस सदी की एक महत्त्वपूर्ण घटना है। इस क्षेत्र की उपलब्धि इंसान के जिन्दगी को बढ़ने का काम कर रही है। यदि संचार के साधनों को हम अपने जीवन से निकाल दे तो फिर से आदिकाल में पहुंच जायेंगे। इसके बिना जीवन अधूरा है।