Class 8 Hindi बच्चे की दुआ
प्रश्न-अभ्यास
पाठ से
प्रश्न 1.
आपको यदि अल्लाह/ईश्वर से कुछ माँगने की जरूरत हो तो आप क्या-क्या माँगेगे?
उत्तर:
हम अल्लाह/ईश्वर से ज्ञान, विद्या, आरोग्यता तथा परोपकार की भावना की माँग करेंगे।
प्रश्न 2.
कविता में संसार को बेहतर बनाने की कामना मुखर हुई है। इन कामनाओं को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
हे ईश्वर मुझसे मेरे वतन की शोभा बढ़े। जिस तरह फूल खलकर फूलवारी की रौनक को बढ़ा देता है । मैं अपने दम पर दुनिया की अज्ञानता को दूर कर दूं। मैं अपने कर्म से हरेक क्षेत्र में खुशी ला हूँ।
Class 8 Hindi बच्चे की दुआ
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
अल्लाह बुराई से बचाना मुझको तथा नेक राह में चलने की शक्ति
प्रदान करना-नज्म की किन पंक्तियों में ऐसा भाव स्पष्ट किया गया
है ?
उत्तर:
मेरे अल्लाल बुराई से बचाना मुझको । नेक जो राह हो, उस राह पे चलाना मुझको ।।
प्रश्न 2.
आपके घर में या पड़ोस में बुजुर्ग होंगे, आप उनकी देखभाल कैसे . करना चाहेंगे? उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
हमारे घर या पड़ोस में जो बुजुर्ग हैं मैं उनकी देखभाल उनकी सेवा तथा जरूरत की चीजें को पूरा करके करूँगा।
प्रश्न 3.
अल्लाह और ईश्वर में कोई फर्क नहीं है इस बात से आप कहाँ तक सहमत हैं ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अल्लाह या ईश्वर एक ही का नाम है । इस बात से हम पूर्ण रूप से सहमत हैं। दोनों नाम भगवान के पर्यायवाची मान लेना चाहिए।
प्रश्न 4.
व्याख्या कीजिए
(क) जिन्दगी हो मेरी परवाने की सूरत या रब । इल्म की शम्अ से ही मुझको मुहब्बत या – रब
उत्तर:
प्रस्तुत नज्म हमारे पाठ्य पुस्तक किसलय भाग-3 के “बच्चे की दुआ” पाठ से लिया गया है जिसके गायक हैं-“मो. इकबाल”।
इस नज्मे में बच्चे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर ! मेरी जिन्दगी परोपकार के लिए हो । शिक्षा प्राप्ति से मुझे मुहब्बत हो।
Class 8 Hindi बच्चे की दुआ
(ख) हो मेरे दम से यूं ही मेरे वतन की जीनत । जिस तरह फूल से होती है चमन की जीनत ।
उत्तर:
प्रस्तुत नज्मे हमारे पाठ्य पुस्तक “किसलय भाग-3” के “बच्चे की दुआ” पाठ से लिया गया है। यह पाठ मो० इकबाल की रचना है। इस नज्म में कहा गया है कि हे प्रभो ! मैं अपने बल पर दुनिया की शोभा बढ़ा दूं। जैसे फूल से फूलवारी की शोभा बढ़ जाती है।
(ग) मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको । नेक जो राह हो, उस राह पे चलाना मुझको।
उत्तर:
प्रस्तुत नज्मे हमारे पाठ्य पुस्तक “किसलय भाग-3” के “बच्चे की दुआ” पाठ से लिया गया है । यह पाठ मो. इकबाल की रचना है। इस नज्म में बच्चे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि -हे मेरे अल्लाह/ईश्वर मुझे बुराई से बचाना तथा जो नेक राह हो उसी राह पर चलाने की कृपा करना ।
