प्रश्न 1 “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” उपर्युक्त पंक्ति में भारत को “बूढा” कहा गया है, क्योंकि (क) भारत गुलाम था। (ख) भारत में एकता नहीं थी। (ग) भारत का इतिहास प्राचीन है। (घ) भारत की दशा शिथिल और जर्जर हो चुकी थी। उत्तर: (घ) भारत की दशा शिथिल और जर्जर हो चुकी थी।
प्रश्न 2. लक्ष्मीबाई का बचपन किस प्रकार के खेलों में बीता? उत्तर: लक्ष्मीबाई का बचपन प्रायः शिकार खेलने में, नकली युद्ध करने में, व्यूह रचने में, व्यूह तोड़ने में, सेना को घेरना, सेना से घिर जाने पर उससे निकलना, दुर्ग तोड़ना आदि प्रिय खेलों को खेला करती थी।
Bihar Board Class 8 chapter 20
प्रश्न 3. “हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में” उपर्युक्त पंक्ति में “चीरता” और “वैभव” का संकेत किस-किस की ओर है। उत्तर: वीरता का संकेत वीर शिरोमणि लक्ष्मीबाई की ओर तथा “वैभव” का संकेत झाँसी के महाराज की ओर है। पाठ से आगे
प्रश्न 4. इस कविता के आधार पर कालपी-युद्ध का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। उत्तर: झाँसी के मैदान में विजय प्राप्त कर रानी लक्ष्मीबाई कालपी के मैदान में युद्ध करने चल पड़ी । झाँसी से सौ मील दूर होने के कारण उनका घोड़ा थक चुका था। वह घोड़ा गिरकर मर गया। अब रानी लक्ष्मीबाई ने नया घोड़ा लेकर युद्ध आरम्भ कर दिया इस युद्ध में भी अंग्रेजों को हार की मुँह देखनी पड़ी।
प्रश्न 5. भाव स्पष्ट कीजिए (क) गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी। उत्तर: भारतीय लोग आजादी को भूल चुके थे। लक्ष्मीबाई ने भारतीयों को आजादी प्राप्त करने के लिए उन्मुख करवाई । सब जगह आजादी प्राप्ति की चेतना जाग उठी। ।
Bihar Board Class 8 chapter 20
(ख) “हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता की नारी थी।” उत्तर: हम भारतीय परतंत्रता की मार से मृतवत हो चुके थे। ऐसे समय में लक्ष्मीबाई भारतीयों को स्वतंत्र करने के लिए स्वतंत्रता की नारी (दुर्गा) बनकर हमारे सामने आ गई और हम स्वतंत्रता प्राप्ति की ओर अग्रसर हुए।
Bihar Board Class 8 chapter 20
प्रश्न 6. इस कविता से लक्ष्मीबाई से संबंधित कुछ पंक्तियाँ चुनकर उनके आधार पर रानी की वीरता का वर्णन कीजिए। उत्तर: झाँसी के मैदान में जब लैफ्टिनेंट बॉकर अपनी सेना लेकर पहुंचा। रानी तलवार से युद्ध करने लगी। बहुत देर तक दोनों में द्वन्द्व युद्ध हुआ। अन्तत: वॉकर घायल होकर युद्ध के मैदान से भाग निकला। अब झाँसी पर लक्ष्मीबाई का अधिकार हो गया। फिर कालपी की ओर लक्ष्मीबाई बढ़ गई जहाँ अंग्रेजों ने अपना शासन स्थापित कर रखा था। कालपी झाँसी से सौ मील दूर होने के कारण रानी लक्ष्मीबाई का घोड़ा थककर गिर गया और मर गया । यमुना के किनारे कालपी के मैदान में पुनः अंग्रेजों की हार हुई।
कालपी पर विजय के बाद रानी ने ग्वालियर पर अधिकार कर लिया। जहाँ अंग्रेजों का मित्र सिन्धिया ने अंग्रेज के डर से राजधानी छोड़कर भाग खड़ा हुआ। – जनरल स्मिथ ने अपनी सेना के साथ रानी से युद्ध करना आरम्भ किया तो स्मिथ की भी हार हुई। इसके बाद ह्यरोज ने अपनी सेना लेकर रानी को घेर लिया । रानी ने वीरतापूर्वक लड़कर ह्यूरोज की सेना को काटते-मारते आगे बढ़ गई। एक नाला आगे आ पड़ी जिसको घोडा पार नहीं कर रूक गया । पीछे से यूरोज ने अपनी सेना के साथ आकर रानी पर वार करने लगा । रानी लड़ते-लड़ते वीर गति को प्राप्त कर गई।