Class 8 Hindi ठेस

Bihar Board Class 8 Hindi ठेस 

youtube channel
whatsapp group

 

पाठ से

प्रश्न 1.
गाँव के किसान सिरचन को क्या समझते थे?
उत्तर:
गाँव के किसान सिरचन को कामचोर, बेकार का आदमी, धीरे-धीरे काम करने वाला नाप-तौलकर काम करने वाला, मुफ्त में मजदूरी. पाने वाला समझते थे।

Class 8 Hindi ठेस

प्रश्न 2.
इस कहानी में आये हुए विभिन्न पात्रों के नाम लिखें।
उत्तर:
इस कहानी के नायक सिरचन के साथ-साथ रेणु जी, रेणु जी की माँ, चाची, मँझली भाभी, मानू दीदी इत्यादि पात्र हैं।

 प्रश्न 3.
सिरचन को पान का बीड़ा किसने दिया था?
उत्तर:
मानू दीदी ने।

Class 8 Hindi ठेस

 प्रश्न 4.
निम्नलिखित गद्यांशों को कहानी के अनुसार क्रमबद्ध रूप में सजाइए।
उत्तर:

  1. मुझे याद है …………. क्या-क्या लगेगा।
  2. उस बार मेरी सबसे छोटी ………… बिना आएगी मानू तो।
  3. मान फूट-फूट कर …….. देख रहा था।
  4. Class 8 Hindi ठेस

 प्रश्न 5.
निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही (✓) या गलत (✗) का निशान लगाइए।
प्रश्नोत्तर:

  1. सिरचन कामचोर था । (✗)
  2. सिरचन अपने काम में दक्ष था। (✓)
  3. सिरचन बात करने में भी कारीगर था। (✓)
  4. सिरचन वकील था। (✗)

प्रश्न 6.
कहानी के किन-किन प्रसंगों से ऐसा प्रतीत होता है कि सिरचन अपने काम को ज्यादा तरजीह देता था उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
कहानी के अनेक प्रसंगों से प्रतीत होता है कि सिरचन अपने काम को ज्यादा तरहीज देता था। की रेणु जी के घर मानू दीदी की विदाई के पूर्व शीतलपाटी और चिक बनाने के लिए सिरचन को बुलाया जाता है । वह अपने काम में तन्मय हो गया। अगर उसकी तन्मयता में विघ्न डाले तो वह गेहूँमन साँप की तरह फुफकार उठता और काम छोड़कर चला जाता । फिर वह काम अधूरा ही रह जाता था।

कहानी प्रसंग में दूसरे दिन जब वह अपने काम में लगा तो उसे खाने-पीने की सुधि ही नहीं रही। उसे चुड़ा-गुड़ खाने को मिलता है। वह केवल चुड़ा फाँक रहा है। गुड़ का ठेला या ही अछुता पड़ा है। चुड़ा चबाते समय भी वह अपने काम में तन्मय है। उसे कुछ सुधि नहीं है कि चुड़ा के साथ गुड़ भी खाना है। इससे स्पष्ट है कि वह भोजन की अपेक्षा अपने काम को ज्यादा तरजीह देता था।

Class 8 Hindi ठेस

प्रश्न 7.
इस कहानी में कौन-सा पात्र आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों ?
उत्तर:
इस कहानी में हमें सबसे अच्छा पात्र सिरचन लगा क्योंकि सिरचन मानवीय गुण से भरा है । वह जिस काम को करता है। प्रेम से करता है। उसकी कारीगरी के कायल दूर-दूर गाँव के लोग थे।

वह स्वाभिमानी और सम्मानप्रिय व्यक्ति है। उसे खाना जो भी मिले वह

अपने काम को तरजीह देता था । किसी की जली-कटी बातें सुनकर या अपने  कारीगरी के प्रति आरोपों को सुनकर वह काम छोड़ देता । जिस काम को छोड़ देता वह काम अधूरा ही रह जाता।

कहानी के अंत में सिरचन की आत्मीय गुण चरम पर दिखता है जब मानू विदाई होकर स्टेशन पर गाड़ी में सवार है । गाड़ी खुलने के समय में सिरचन दौड़ता-हाँफता गट्ठर मानू दीदी को देते हुए कहता है दीदी यह हमारे तरफ से शीतलपाटी, चिक और कुश की आसानी है।

Class 8 Hindi ठेस

Class 8 Hindi ठेस
Class 8 Hindi ठेस

 

youtube channel
Whatsapp Channel
Telegram channel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top