उदारीकरण आर्थिक विकास की एक प्रक्रिया है, जिसके द्वारा उद्योगों और व्यापार को लालफीताशाही के अनावश्यक प्रतिबंध से मुक्त किया जाता है। इसके अन्तर्गत 6 उद्योगों को छोड़कर अन्य सभी उद्योगों को लाइसेंस से मुक्त कर दिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र में घाटे में चलने वाले कुछ उद्योगों को निजी क्षेत्र में दे दिया गया है तथा कुछ उद्योगों के शेयर वित्तीय संस्थाओं, सामान्य जनता और कामगारों को दिये गये, विदेशी पूँजी निवेश पर से प्रतिबंध हटाया गया, विदेशी तकनीक के प्रवेश का उदारीकरण हुआ और औद्योगिक स्थानीयकरण में भी उदारता प्रदान की गयी। इससे उद्योगों को बड़ा लाभ हुआ।
2. योजना आयोग का गठन कब हुआ था? इसके दो कार्यों को लिखें।
योजना आयोग का गठन 1950 ई० में हुआ था। इसके दो कार्य हैं- (i) अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों, जैसे- कृषि, सिंचाई, विनिर्माण, ऊर्जा, परिवहन, संचार, सामाजिक अवसंरचना और सेवाओं के विकास के लिए कार्यक्रम बनाना तथा उनको लागू करना और (ii) विकास में प्रादेशिक असंतुलन कम करने के लिए योजना बनाना तथा उनको लागू करना
3. मुक्त आकाश नीति क्या है? (2020A)
दो देश मिलकर एक एग्रीमेन्ट करता है कि एक-दूसरे का कोई भी हवाई जहाज बिना बाधा के किसी भी समय एक-दूसरे के हवाई सीमा से आर-पार जा सके। जिसमें सीट उपलब्धता, रुपया और कोई भी जरूरत का सामान हो। इस कारण से हवाई व्यापार करने में सहायता मिलती है। समय पर और जल्दी में जरूरत का सामान एक देश का सामान दूसरे देश में चला जाता है, जिससे दोनों देशों को लाभ होता है।
4. सतत पोषणीय विकास क्या है? (2016A.2022A)
अथवा, सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करें।
सतत पोषणीय विकास की संकल्पना एक नवीन संकल्पना है, जिसका विकास 1960 के दशक के अंत में पश्चिमी दुनिया में पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर बढ़ती जागरूकता की सामान्य वृद्धि के कारण हुआ। “सतत पोषणीय विकास का अर्थ है एक ऐसा विकास जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकता की पूर्ति को प्रभावित किए बिना वर्तमान पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकता की पूर्ति करना।” इसका अर्थ यह है कि मृदा या वन जैसे मूल्यवान संसाधनों का उपयोग इस गति से किया जाए ताकि इससे पर्यावरण संतुलन भी कायम रहे और इसका प्राकृतिक रूप से पुनरस्थापन या पुनश्चक्रण हो सके और भविष्य में लोगों के लिए भी ये संसाधन बचे रहें।