class 12th gegoraphy part 2 chapter 5 (भू संसाधन तथा कृषि )

class 12th gegoraphy part 2 chapter 5

1. गन्ना की खेती के लिए आदर्श परिस्थितियाँ क्या होनी वाहिए ?

गन्ना हमारे भोजन का महत्त्वपूर्ण पदार्थ है। इससे हमें चीनी प्राप्त होती है। यह उष्ण कटिबंधीय पौधा है। गन्ना की खेती के लिए आदर्श परिस्थितियाँ-तापमान -21°C से 27°C होनी चाहिए। वर्षा-आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। 75 से 120 cm वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में कृषि की जाती है। मिट्टी गहरी दोमट मिट्टी जिसमें जल का बहाव भली-भाँति होता है। श्रम और उद्योग की उपलब्धता हो।

2. कृषि ऋण प्रदान करने वाले चार संस्थाओं के नाम लिखिए। (2013A)

कृषि ऋण प्रदान करने वाली मुख्य संस्थाएँ ये हैं- (ii) सहकारी समितियाँ (iii) सहकारी भूमि विकास बैंक (iv) राष्ट्रीय बैंक। इनके अतिरिक्त स्वयं सहायता समूह, पैक्सों का गठन, किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से किसानों को वित्तीय मदद उपलब्ध करायी जाती है।

3. कोको के बारे में आप क्या जानते हैं? [2014A] (2016A)

कोको एक कृषि उत्पाद है, जिससे चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक (कोका कोला) इत्यादि बनाया जाता है। इसका उत्पादन पश्चिमी अफ्रीका विशेषकर घाना में होता है। फ्रांसवासियों ने यहाँ इसकी पौधा लगाई थी। इसकी खेती रोपण कृषि के अंतर्गत उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में होती है।

4. विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि की किन्हीं चार फसलों के नाम लिखिए। /20/8A)

विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि के चार फसल निम्नलिखित हैं- (i) कपास (ii) चाय (iii) जूट (iv) कॉफी।

5. कृषि योग्य व्यर्थ भूमि से आप क्या समझते हैं? [2025A, 2018A,2020A)

वह भूमि जो पिछले पाँच वर्षों तक या अधिक समय तक परती या कृषिरहित है, इस संवर्ग में सम्मिलित की जाती है। भूमि, उद्धार तकनीक द्वारा इसे सुधार कर कृषि योग्य बनाया जाता है।

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6. जीवन निर्वाहक कृषि की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। (2020A)

जीवन निर्वाहक कृषि में घनी जनसंख्या के कारण उत्पादन केवल स्वयं जीवन निर्वाह के लिए किया जाता है। इसमें उत्पादन निर्वाह स्तर पर ही रहता है और बिक्री के लिए अवशेष बहुत कम रहता है। यह दक्षिणी और दक्षिणी पूर्वी एशिया के मानसून जलवायु क्षेत्र में प्रचलित है।

7. आकार के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत कीजिए। [2021A)

आकार के आधार पर उद्योगों को सामान्यतः तीन वर्गों में बाँटा जाता है-(i) बड़े पैमाने के उद्योग (वृहत उद्योग) (ii) छोटे पैमाने के उद्योग (लघु उद्योग) और (iii) गृह या कुटीर उद्योग।

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8. निवल बोया गया क्षेत्र तथा सकल बोया गया क्षेत्र में अन्तर स्पष्ट करें। [2019A.2021A]

निवल या शुद्ध बोया गया क्षेत्र वह भूमि है जिस पर फसलें उगाई और काटी जाती है। इसके विपरीत, सकल बोया गया क्षेत्र के अंतर्गत निवल बोया गया क्षेत्र में उस क्षेत्र को भी जोड़ दिया जाता है, जिसमें उस वर्ष एक से अधिक बार फसलें बोई और काटी जाती हैं। एक बार बोई गयी भूमि को एक बार, दो बार बोई गई भूमि को दो बार और तीन बार बोई गई भूमि को तीन बार जोड़ दिया जाता है।

9. सामूहिक कृषि का वर्णन करें। [2015A.20224)

सामूहिक कृषि में उत्पादन के साधनों का स्वामित्व संपूर्ण समाज एवं सामूहिक श्रम पर आधारित होता है। सभी कृषक अपने संसाधन जैसे- भूमि, पशुधन एवं श्रम को मिलाकर कृषि कार्य करते हैं। ये अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भूमि का छोटा-सा भाग अपने अधिकार में भी रखते हैं। सरकार उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करती है एवं उत्पादन को सरकार ही निर्धारित मूल्य पर खरीदती है। कृषि का यह प्रकार पूर्व सोवियत संघ में प्रारंभ हुआ था, जहाँ इसको “कोलखहोज” का नाम दिया गया।

10. बेंदा समाज में वनों को क्या कहा जाता है? (2022A)

बेंदा समाज एक आदिवासी समाज है जो जंगल में निवास मुख्य रूप से करते हैं। जंगल और जीवन एक दूसरे का पर्याय है। यह समाज जंगल के महत्ता को समझते हुए वनों को ‘हरे फेफड़ा’ कहता है। आज के जीवन में इसकी महत्ता को नकारा नहीं जा सकता है। विश्व में पर्यावरण के प्रति लोगों को सजग किया जा रहा है तथा वनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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11. जैव तकनीक से आप क्या समझते हैं? (20224)

वर्तमान समय में जैव तकनीकी की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। आने वाले पीढ़ी के लिए प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं के संरक्षण में जैय तकनीक का ही उपयोग किया जा रहा है। मुख्य रूप से कृषि क्षेत्रों में जैविक खाद्य का उपयोग कर उत्पादन में भी वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी का भी संरक्षण किया जाता है। यह फसल जीव समुदाय के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उपयुक्त है। Organic उत्पाद का बाजार भरण का अधिक है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि होती है।

12. भारत की किन्हीं चार खरीफ फसलों के नाम लिखिए। [2022A)

भारत में खरीफ फसल मानसूनी फसलों को कहा जाता है। इस ऋतु में यह फसल उगाई जाती है। चार खरीफ फसल धान, मक्का, ज्वार, बाजारा, रागी। जून जुलाई में बोई जाती है और नबंवर-दिसम्बर में काटी जाती है।

13. भूमध्यसागरीय कृषि के महत्त्व को लिखिए। [2023A]

भूमध्यसागरीय कृषि इस प्रकार की खेती विश्व के सीमित क्षेत्रों में की जाती है। भूमध्यसागरीय जलवायु वाले क्षेत्रों में यह कृषि की जाती है यहाँ जाड़े में वर्षा होती है। दक्षिण कैलिफोर्नियाँ, मध्य चिली, द० यूरोप से उत्तरी अफ्रीका में ट्यूनीशिया से अटलांटिक तट तक, द० अफ्रीका का द० भाग और ऑस्ट्रेलिया के द०प० भागों में प्रमुखता से यह कृषि की जाती है। यह व्यावसायिक कृषि है, जिससे खट्टे रसदार फलों का उत्पादन प्रमुख रूप से किया जाता है। अंगूर, अंजीर और जैतून यहाँ का प्रमुख कृषि उत्पाद है। उच्च गुणवत्ता वाली मदिरा इसी से तैयार किया जाता है। (i) क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक

14. भू-निम्नीकरण के दो कारणों का उल्लेख कीजिए। [2023A]

भू-निम्नीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें भूमि खेती के अयोग्य बनती है। इसके जिम्मेवार तत्त्व निम्नलिखित हैं- (i) खनन, (ii) अति पशुचारण, (iii) जलाक्रांतता, (iv) औद्योगीकरण।

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15. भारत के किन्हीं चार रबी फसलों के नाम लिखिए। [2024A)

15. भारत के चार रबी फसलों निम्नलिखित हैं- (i) गेहूँ (ii) चना, मसूर (दलहन), (iii) सरसों (तेलहन) (iv) धनिया, मिर्च (मसाले)

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions)

1. भारत में गेहूँ के उत्पादन एवं वितरण का विवरण दें। (2025A, 2014A]

गेहूँ भारत का द्वितीय प्रमुख खाद्यान्न है। इसके उत्पादन में भारत का एशिया में दूसरा तथा विश्व में चौथा स्थान है। इसकी खेती लगभग 267 लाख हेक्टेयर भूमि पर की जाती है जो कुल कृषि क्षेत्र का 15% है। इसका वार्षिक उत्पादन 5 से 7 करोड़ टन है। गेहूँ शीतोष्ण कटिबंधीय फसल है। अतः इसकी खेती मुख्यतः कर्करेखा के उत्तर पश्चिमोत्तर भारत में होती है। गेहूँ को बोते समय 10° से 15° से०ग्रेड तथा पकते समय 20° से 30° से०ग्रेड तापमान उपयुक्त होता है। इसके लिए 50 से 75 सेमी० वर्षा उपयुक्त होती है। वर्षा के अभाव में सिंचाई का समुचित प्रबंध अनिवार्य हो जाता है। फसल पकते समय तेज धूप एवं शुष्क ताप आवश्यक है। गेहूं की खेती किसी भी मिट्टी में हो सकती है, किन्तु हल्की दोमट मिट्टी तथा काली मिट्टी गेहूँ के लिए उपयुक्त मानी जाती है। गेहूँ की खेती में भी कुशल श्रमिकों की आवश्यकता पड़ती है, किन्तु अब पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में ट्रैक्टर से जुताई तथा थ्रेसर से दमाही होने लगी है। अब बिहार में भी इसका प्रयोग होने लगा है। भारत में गेहूँ रबी की फसल है। इसकी बुआई नवम्बर-दिसम्बर में होती है तथा मार्च-अप्रैल में काट ली जाती है। इस अवधि में ही भारत में गेहूँ उत्पादन की उपयुक्त दशा मिलती है। इसकी खेती में अधिक वर्षा और अधिक तापमान नुकसानदेह है। इसी कारण बंगाल असम के महत्त्वपूर्ण धान क्षेत्र गेहूँ के प्रमुख क्षेत्र नहीं बन पाये हैं।

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