भारत-दुर्दशा (Bharat-durdasha)
भारत-दुर्दशा (Bharat-durdasha) Bharat-durdasha प्रश्न 1. कवि सभी भारतीयों को किसलिए आमंत्रित करता है और क्यों? उत्तर- राष्ट्र-प्रेम का शंखनाद करने वाले, हिन्दी साहित्य में नवजागरण के अग्रयूत. भातेन्दु हरिश्चन्द्र का परतंत्र भारत की दारुण-दशा से व्यथित है। भारत पौराणिक काल से ही सभ्यता और संस्कृति का केन्द्र रहा है जहाँ शाक्य, हरिश्चन्द्र, नहुष, येयाति, राम, […]